- हड़ताल में बल्लारपुर क्षेत्र के 4600 कामगारों का सहभाग
- तीन दिन भी WCL को करोड़ों का नुकसान
- तीसरे दिन हड़ताल में लगी सेंध 2 कामगारों ने की ड्यूटी
- हड़ताल को कांग्रेस पार्टी ने दिया समर्थन
रमेश निषाद - प्रतिनिधी
राजुरा / बल्लारपुर -
कोयला उद्योग में निजीकरण के विरोध में वेकोलि की पांचों यूनियन की ओर से घोषित तीन दिवसीय हडताल के तीसरे दिन आज वेकोलि के बल्लारपुर क्षेत्र की सभी कोयला खानों से उत्पादन और कोल ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह से ठप रहा. जिससे वेकोलि को करोडों का नुकसान हुवा. हड़ताल की वजह से सभी खदान क्षेत्रों में सन्नाटा छाया हुवा था.
कोयला उद्योग को निजीकरण की ओर ले जा रहे कमर्शियल माइनिंग के विरोध में वेकोलि में कार्यरत पांचों श्रमिक संगठनाओं ने एक साथ 3 दिवसीय हडताल शुरु की है. जिसका आज तीसरा और अंतिम दिन था. हड़ताल को प्रबंधन द्वारा आउट सोर्सिंग ठेकेदारों का सहयोग लेकर हड़ताल को निष्फल करने का प्रयास किया गया. जिसकी संयुक्त मोर्चा ने भर्त्सना की है. संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया की, प्रबंधन एंव ठेकेदार की मिलीभगत के चलते ही कोयला उद्योग में कार्यरत ठेका मजदूरों को आज तक हायपावर कमेटी की सिफारिशों के आधार पर वेतन लागु नहीं हुवा. इस पर भी सरकार द्वारा अब गंभीर रूप से दखल लेने की आवश्यकता महसूस की जा रही है.
संयुक्त मोर्चा ने मांग की है की, सरकार एंव प्रबंधन द्वारा हड़ताल में सम्मिलित कामगारों पर किसी भी प्रकारकी अनुशासनात्मक कार्यवाही एंव 8 दिन का वेतन कटौती आदि गलत व्यवहार ना करे.
सरकार द्वारा कोयला उद्योग में कमर्शियल माइनिंग के निर्णय को यथाशीघ्र स्थगित कर हड़ताल नोटिस में सम्मिलित अन्य मांगों पर कामगार संघ प्रतिनिधियों से चर्चा कर समस्याओं का समाधान करें. अन्यथा संयुक्त मोर्चा द्वारा कोयला उद्योग में लगातार तीव्र आंदोलन जारी रखा जायेगा. मांगो पर शीघ्र विचार ना होने पर 18 अगस्त से फिर से हड़ताल करने की चेतावनी संयुक्त मोर्चा द्वारा दी गयी है.
वेकोलि बल्लारपुर क्षेत्र अंतर्गत पांचों यूनियन के साथ श्रमिकों ने भी कोल इंडिया में निजीकरण का विरोध किया है. इसकी खिलाफत करते हुए तीन दिवसीय देशव्यापी हडताल की घोषणा की है. इससे बल्लारपुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सभी 8 कोयला खानों में उत्पादन ठप रहा. तीन दिन में 50 हजार टन कोयले का उत्पादन नहीं हो सका. रेल और निजी ट्रकों द्वारा पैतालीस हज़ार टन कोयला डिस्पैच नहीं किया जा सका. हडताल से कोयला उद्योग को करोडो का नुकसान उठाना पड़ा.
वेकोलि बल्लारपुर क्षेत्र अंतर्गत पांचों यूनियन के साथ श्रमिकों ने भी कोल इंडिया में निजीकरण का विरोध किया है. इसकी खिलाफत करते हुए तीन दिवसीय देशव्यापी हडताल की घोषणा की है. इससे बल्लारपुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सभी 8 कोयला खानों में उत्पादन ठप रहा. तीन दिन में 50 हजार टन कोयले का उत्पादन नहीं हो सका. रेल और निजी ट्रकों द्वारा पैतालीस हज़ार टन कोयला डिस्पैच नहीं किया जा सका. हडताल से कोयला उद्योग को करोडो का नुकसान उठाना पड़ा.
3 जुलाई की तृतीय रात्री पाली में पांचो संगठनों को चकमा देते हुए सास्ती अंडरग्राउंड के ओव्हरमैन एंव माइनिंग सरदार ड्यूटी पर चले गए. सुबह जब वो ड्यूटी से निकले तो हड़ताल कर रहे कामगारों ने उनका चूड़ी का हार पहनाकर स्वागत किया. दोनों कामगारों के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई. दोनों को कामगार संगठनों से निलंबित कर दिया गया है. वहीं दूसरी और कांग्रेस पार्टी ने हड़ताल को समर्थन दिया है. क्षेत्र के विधायक सुभाष धोटे ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है.
आंदोलन में बीएमएस के केंद्रीय महामंत्री सुधीर घुरडे, शांताराम वांढरे, इंटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष आर. शंकरदास, सुदर्शन डोहे, एचएमएस के केंद्रीय अध्यक्ष नंदकिशोर म्हस्के, आयटक के नंदकिशोर म्हस्के, मधुकर ठाकरे, एचएमएय के अशोक चिवंडे, ताज मोहम्मद और सीटू के गणपत कुडे, शेख जाहिद, रायलिंगू झुपाका, विवेक अल्लेवार, आर.आर.यादव, दिलीप कनकुलवार, जोगेंद्र यादव, विजय कानकाटे, दिनेश जावरे, अनिल निब्रड, मारोती नन्नावरे के साथ अनेक पदाधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे. इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी आंदोलन किया गया.
आंदोलन में बीएमएस के केंद्रीय महामंत्री सुधीर घुरडे, शांताराम वांढरे, इंटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष आर. शंकरदास, सुदर्शन डोहे, एचएमएस के केंद्रीय अध्यक्ष नंदकिशोर म्हस्के, आयटक के नंदकिशोर म्हस्के, मधुकर ठाकरे, एचएमएय के अशोक चिवंडे, ताज मोहम्मद और सीटू के गणपत कुडे, शेख जाहिद, रायलिंगू झुपाका, विवेक अल्लेवार, आर.आर.यादव, दिलीप कनकुलवार, जोगेंद्र यादव, विजय कानकाटे, दिनेश जावरे, अनिल निब्रड, मारोती नन्नावरे के साथ अनेक पदाधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे. इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी आंदोलन किया गया.





डाॅ.गुलवाडे चंद्रशेखर आझाद सारखे स्टाईल मारून राहीले आहे.परंतु शहीदांची बरोबरी कधीच होत नसते.
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