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रविवार, 12 जुलाई 2020

कोरोना की पार्श्वभूमिपर आदर्श नागरी सहकारी पत संस्था दे रही मदत का हाथ

व्यवसाय वृद्धि के लिए छोटे व्यवसायियों को दिया जा रहा तत्काल ऋण

अनंता गोखरे - तालुका प्रतिनिधी
राजुरा -
बड़े उद्यमों के विपरीत, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग, व्यापार मोटे तौर पर आवर्ती बिक्री से नकदी प्रवाह पर निर्भर रहते है. वर्तमान में, COVID-19 महामारी और लॉकडाउन के चलते व्यवसायीयों को अभूतपूर्व कम बिक्री और रुके हुए नकदी प्रवाह का सामना करना पड़ा है. कोरोना फ़ैलनेसे जहां व्यवसाय प्रभावित हुए है वहीँ, छोटे व्यवसायियों को रोजाना खर्च निकाल पाना भी मुश्किल होता जा रहा है. छोटे व्यवसायियों के व्यवसाय वृद्धि के लिए स्थानीय आदर्श नागरी पत संस्था ने तत्काल ऋण देकर उन्हें समय के अनुरूप व्यवसाय करने की अनूठी पहल की है.
एक लघु व्यवसायी को रेनकोट, छत्री, ताडपत्री, प्लास्टिक एंव मानसून सीजनेबल सीजन के लिए तत्काल 2 लाख का ऋण दिया गया. दूसरे लघु व्यवसायी को कोल्ड्रिंक्स, चाय- कॉफी-स्नैक्स शॉप के लिए 2 लाख का ऋण दिया गया. वहीँ तीसरे को मानसून पूर्व मकान मरम्मत के लिए 1 लाख 50 हजार का ऋण दिया गया. कोरोना की पार्श्वभूमिपर उक्त कर्जदाताओं ने मुसीबत के समय आदर्श नागरी पत संस्था ने दिए तत्काल ऋण के लिए आभार व्यक्त किया. 
संस्था अध्यक्ष मिलिंद चिलवरवार ने बताया की, सैंकड़ों छोटे व्यवसायी बैंकों से ऋण प्राप्त करने में सक्षम नहीं होते है. अन्य वित्तीय संस्थानों में आवेदन से लेकर मंजूरी और वितरण तक की ऋण प्रक्रिया को पूरा करने में कुछ हफ्तों या महीनों तक का समय लग जाता है, जबकि आज के इस भागादौड़ वाले युग में तत्काल कार्यशील पूंजी ऋण की आवश्यकता होती है. जिसे संस्था के मार्फत शीघ्र मंजूरी प्रदान कर ऋण दिया जा रहा है. 
छोटे एंव मंझोले व्यवसायियों से किसी भी तरह की ऋण संबंधी जानकारी के लिए पत संस्था के उपाध्यक्ष सुदर्शन दाचेवार, मिलिंद देशकर, बंडू करमनकर, वर्षा बेजंकीवार, माणिक उपलंचीवार, उषा गव्हाणे, सागर हिवरे, छाया रामगिरवार, ऋण प्रबंधक किशोर दुर्गे, प्रबंधक गणेश रासपायले, सूरज राहुलगडे, अभिकर्ता मनोज शर्मा, राहुल दुबे, सागर राचर्लावार, विनोद पिपरवार, कर्मचारीवृन्दों से मार्गदर्शन लिया जा सकता है.

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