अनंता गोखरे - तालुका प्रतिनिधी
राजुरा -
राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान अंतर्गत नियुक्त किए गए कर्मचारी गत 10-12 वर्षो से ठेका पद्धती पर कार्य कर रहे है. उन्हे अल्प मानधन दिया जा रहा है. गत अनेक वर्षो से स्वास्थ्य विभाग में निरंतर सेवा देनेवाले ठेका कर्मीयों को नियमित सरकारी सेवा में समावेश करने की मांग को लेकर ग्रामीण रुग्णालय तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मीयों ने 11 जून से कामबंद आंदोलन शुरू किया है. इस आंदोलन के कारण स्वास्थ्य विभाग पर परिणाम होता दिखाई दे रहा है.
अब तक ठेका स्वास्थ्य कर्मीयों ने विभीन्न चरणों में आंदोलन किया. प्रथम चरण में काले फित लगाकर कार्य किया था. दुसरे चरण में रक्तदान शिविर लिया गया था. तिसरे चरण में किसी साहित्यों का इस्तेमाल किए बगैर कार्य किया गया. सरकार द्वारा इन कर्मीयों को पूर्ण रूप से अनदेखी करने से अब चौथे चरण में कामबंद आंदोलन शुरू किया गया है.
चौथे चरण में कामबंद आंदोलन में ठेका स्वास्थ्य कर्मीयों ने नियमित करने की मांग की है. राजुरा तहसील के शहर संभाग में 22, ग्रामीण संभाग में 22, चंद्रपुर जिले में 700 से अधिक तथा राज्य में 25 हजार से अधिक ठेका स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन कर रहे है. 11 जून से प्रतिदिन ठेका स्वास्थ्य कर्मी स्थानीय ग्रामीण रुग्णालय के परिसर में आकर आंदोलन कर रहे है. आज भी हुए आंदोलन में आशीष मांडवकर, सचिन सातभाई, चंद्रकांत नेवलकर, राम इंगले, ज्ञानेश्वर मडावी, विक्रम कुरील, सपना आटोले, ज्ञानेश्वरी चिरमलवार, रीता नेताम, माधुरी बोरकुटे, पल्लवी पवार, रोशनी खोब्रागडे तथा सभी ठेका स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.



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