रमेश निषाद - संवाददाता
बल्लारपुर -
श्रमिक ट्रेन से यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला को प्रसवपीड़ा से तड़पता देख आरपीएफ ने समयसूचकता दिखाते हुए ना केवल महिला की सुरक्षित प्रसूति में सहयोग दिया बल्कि उसे उसके पैतृक गांव तक पहुंचाने का पूरा बंदोबस्त कर एक बार फिर मानवता का परिचय दिया है. इसके लिए आरपीएफ बल्लारशाह की पूरी टीम की सर्वत्र सराहना हो रही है.
विगत 10 जून को ट्रेन नंबर 0630 चैन्नई से दरभंगा जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में जब बल्लारशाह रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उसके कोच नंबर एसआर 13552 जीएस में सवार एक यात्री ने बल्लारशाह आरपीएफ के हेड कान्स्टेबल लालजी यादव को बताया कि उसकी गर्भवती पत्नी प्रसव पीड़ा से तडप रही है उसकी हालत बेहद नाजुक है. आरपीएफ के जवान ने बिना देरी किए इसकी तुरंत उक्त जानकारी बल्लारशाह आरपीएफ थाना के पुलिस अधिकारी महेंद्र मिश्रा को दी. शीघ्र एम्बूलैस बुलाकर गर्भवती महिला को बल्लारपुर ग्रामीण अस्पताल पहुंचाने का बंदोबस्त किया. महिला के पति ने अपना नाम अमरेश मिश्र 25 बताया जो कि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के फाजिलनगर का निवासी है. उसकी पत्नी अंजली को प्राथमिक उपचार हेतु चंद्रपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया. आरपीएफ बल्लारशाह ने संबंधित परिवार को चंद्रपुर में किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो इसलिए बल्लारशाह के आरक्षक सुनील पासवान को भेजा. जिला अस्पताल चंद्रपुर में अंजली ने पुत्र को जन्म दिया.समय पर उपचार लाभ मिलने से जच्चा बच्चा दोनों की जान बच गई.
शनिवार को अंजली को चंद्रपुर जिला अस्पताल से छुट्टी दी गई तो उनके पैतृक गांव जाने का मसला निर्माण हो गया. उनके पास जो टिकट थी वह ट्रेन जा चुकी थी. बल्लारशाह आरपीएफ थाना के पुलिस अधिकारी एम.के. मिश्रा ने नागपुर स्थित कमांडेट आफिसर को सूचित कर अगली ट्रेन से भेजने की अनुमति मांगी. अनुमति मिलने के बाद शनिवार 13 जून को रात 9.30 बजे 06490 श्रमिक स्पेशल ट्रेन से उसे उसके पैतृक गांव भेजा गया. रेलवे पुलिस के अधिकारी महेंद्र मिश्रा ने अपने खर्च से दंपत्ति को भोजन, कपड़े और चादर दी. संबंधित गरीब परिवार ने आरपीएफ द्वारा दिखाई गई मानवता पर कृतज्ञता व्यक्त की. प्रसूता की जीवनरक्षा कर बल्लारशाह आरपीएफ थाना के पुलिस अधिकारी महेंद्र मिश्रा, आरपीएफ जवानों ने दिये मानवता की क्षेत्र में सर्वत्र सहारना की जा रही है.



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